पीएम मोदी की इजराइल यात्रा

महा-लेख: भारत-इजराइल रणनीतिक संबंध (1950-2026)

भारत-इजराइल संबंध

विशेष संस्करण 2026: यूपीएससी, राज्य पीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए

🔴 नवीनतम अपडेट: यात्रा 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी से 26 फरवरी 2026 तक इजराइल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। यह यात्रा ‘पश्चिम एशिया’ में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और IMEC कॉरिडोर को वास्तविकता में बदलने के लिए एक मील का पत्थर मानी जा रही है। इस यात्रा के दौरान रक्षा प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण और ‘सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम’ पर ऐतिहासिक समझौते हुए हैं।

1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Static GK: 1950 – 2026)

भारत और इजराइल के संबंध एक लंबी और जटिल यात्रा से गुजरे हैं। वैचारिक मतभेदों से लेकर ‘अघोषित मित्रता’ और अब ‘रणनीतिक साझेदारी’ तक का यह सफर विश्व राजनीति का एक अद्भुत अध्याय है।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक बिंदु:
  • 17 सितंबर 1950: भारत ने इजराइल को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप के मान्यता दी।
  • 1992 (संबंधों का नया उदय): पी.वी. नरसिम्हा राव के नेतृत्व में भारत ने इजराइल के साथ पूर्ण कूटनीतिक संबंध स्थापित किए।
  • कारगिल युद्ध (1999): इजराइल ने भारत को बोफोर्स गोला-बारूद और ड्रोन तकनीक प्रदान कर युद्ध की दिशा बदल दी।
  • 2017: पीएम मोदी इजराइल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने, जिसने संबंधों को ” Strategic Partnership” का नाम दिया।

2.भू-राजनीतिक बाधाएं (Geopolitical Headwinds)

2026 में भारत की कूटनीति एक दोधारी तलवार पर चल रही है। भारत को इजराइल के साथ अपने तकनीकी और रक्षा हितों को साधना है, जबकि ईरान और अरब देशों के साथ अपनी ऊर्जा सुरक्षा और ‘चाबहार’ जैसे निवेशों को सुरक्षित रखना है।

“भारत की ‘De-hyphenation’ नीति अब ‘Strategic Autonomy’ (रणनीतिक स्वायत्तता) के साथ जुड़ गई है। भारत अब किसी एक पक्ष का चुनाव नहीं करता, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर संतुलन बनाता है।”

IMEC और इजराइल का महत्व

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) केवल एक व्यापारिक मार्ग नहीं है, बल्कि चीन के BRI का कड़ा प्रत्युत्तर है। इजराइल का हाइफा बंदरगाह इस परियोजना का केंद्रीय बिंदु है।

3. महत्वपूर्ण शब्दावली (Comprehensive Vocab & Idioms)

अंग्रेजी शब्दावली उच्चारण हिंदी अर्थ एवं व्याख्या
Strategic Autonomyस्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमीरणनीतिक स्वायत्तता – बिना किसी बाहरी दबाव के स्वतंत्र विदेश नीति।
De-hyphenationडी-हाइफनेशनसंबंधों का पृथक्करण – इजराइल और फलस्तीन को अलग नजरिए से देखना।
Tightrope Walkटाइटरूप वॉककठिन संतुलन साधना – जटिल परिस्थितियों में सामंजस्य बिठाना।
Sword of Damoclesस्वॉर्ड ऑफ डैमोकल्समंडराता खतरा – पश्चिम एशिया में युद्ध की निरंतर संभावना।
Global Southग्लोबल साउथविकासशील देशों का समूह, जिसका नेतृत्व भारत कर रहा है।
Proxy Warप्रॉक्सि वॉरछद्म युद्ध – किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से युद्ध लड़ना।

4. अभ्यास प्रश्न (10 MCQs – परीक्षा विशेषांक)

Q1. भारत-इजराइल के बीच पूर्ण कूटनीतिक संबंध किस वर्ष स्थापित हुए? उत्तर: 1992 Q2. ‘I2U2’ गठबंधन को किस अन्य नाम से जाना जाता है? उत्तर: वेस्ट एशियन क्वाड (West Asian Quad) Q3. पीएम मोदी की 2026 की यात्रा का सबसे प्रमुख आर्थिक एजेंडा क्या है? उत्तर: IMEC कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर समझौता। Q4. हाइफा (Haifa) बंदरगाह का स्वामित्व वर्तमान में किस भारतीय समूह के पास है? उत्तर: अडानी समूह (Adani Group) Q5. ‘Operation Vijay’ (1999) के दौरान किस देश ने भारत को गुप्त रूप से मदद की थी? उत्तर: इजराइल

(अतिरिक्त 5 प्रश्न उपरोक्त डेटा के गहन अध्ययन से हल किए जा सकते हैं)

5. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ – साक्षात्कार हेतु)

प्रश्न: भारत इजराइल और फलस्तीन के बीच संतुलन कैसे बनाता है?

उत्तर: भारत ‘डी-हाइफनेशन’ नीति का पालन करता है। भारत फलस्तीन के लिए ‘दो-राष्ट्र समाधान’ का समर्थन करता है, जबकि इजराइल के साथ रक्षा और आतंकवाद विरोधी मुद्दों पर घनिष्ठ सहयोग रखता है।

प्रश्न: भारत के लिए इजराइल रूस से बेहतर रक्षा साथी क्यों है?

उत्तर: इजराइल केवल हथियार नहीं बेचता, बल्कि ‘तकनीक का हस्तांतरण’ (Transfer of Technology) और सह-उत्पादन में भी विश्वास रखता है, जो ‘मेक इन इंडिया’ के लिए अनुकूल है।

6. मुख्य परीक्षा (Mains) निष्कर्ष के लिए ‘पंच’ लाइन

“भारत और इजराइल का गठबंधन केवल हथियारों का सौदा नहीं, बल्कि ‘लोकतांत्रिक मूल्यों’ और ‘नवाचार’ (Innovation) का एक ऐसा संगम है, जो आने वाले दशकों में वैश्विक व्यवस्था की नई परिभाषा लिखेगा।”

“परिश्रम ही सफलता का एकमात्र मार्ग है।”

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