प्रश्न-13 उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को एक पत्र लिखिए, जिसमें टिकट-निरीक्षक के अभद्र व्यवहार की शिकायत की गई हो। (शब्द सीमा अधिकतम-250) अथवा अपने जन्मदिन पर मित्र द्वारा भेजे गये उपहार के लिए धन्यवाद-पत्र लिखिए।

शिकायत पत्र – टिकट निरीक्षक का अभद्र व्यवहार

शिकायत पत्र

प्रेषक का पता:
मोनू सर
ग्राम-मईकलाँ, पोस्ट–सुराही
जिला–बदायूं (उ.प्र.)

दिनांक: 16 फरवरी 2026

सेवा में,
महाप्रबंधक महोदय,
भारतीय रेल,
उत्तर रेलवे, नई दिल्ली।

विषय: टिकट-निरीक्षक के अभद्र व्यवहार के संबंध में शिकायत।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं दिनांक 14 फरवरी 2026 को लखनऊ से नई दिल्ली तक ट्रेन द्वारा यात्रा कर रहा था। मेरी सीट स्लीपर कोच में आरक्षित थी तथा मेरे पास वैध टिकट उपलब्ध था।

यात्रा के दौरान टिकट-निरीक्षक ने टिकट जाँच करते समय मेरे साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने बिना किसी उचित कारण के ऊँची आवाज़ में बात की और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। मैंने शांतिपूर्वक अपना टिकट प्रस्तुत किया, फिर भी उन्होंने असहयोगपूर्ण रवैया अपनाया। उनके इस व्यवहार से मुझे मानसिक कष्ट हुआ तथा अन्य यात्रियों के सामने अपमान का अनुभव हुआ।

भारतीय रेल जैसी प्रतिष्ठित संस्था के कर्मचारियों से विनम्र एवं शिष्ट आचरण की अपेक्षा की जाती है। अतः आपसे निवेदन है कि इस घटना की जाँच कर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

आशा है कि आप मेरी शिकायत पर उचित ध्यान देंगे।

धन्यवाद।

भवदीय,
(हस्ताक्षर)
मोनू सर

जन्मदिन उपहार हेतु धन्यवाद-पत्र

धन्यवाद-पत्र

प्रेषक का पता:
मोनू सर
ग्राम –
पोस्ट – मई कलाँ post-सुराही
जिला – बदायूँ (उ.प्र.)
दिनांक: 16 फरवरी 2026

प्रिय मित्र राहुल,

सप्रेम नमस्कार।

आशा करता हूँ कि तुम स्वस्थ और प्रसन्नचित्त होगे। मेरा जन्मदिन इस वर्ष अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और इस विशेष अवसर को और भी यादगार बनाने में तुम्हारा महत्वपूर्ण योगदान रहा। तुम्हारे द्वारा भेजा गया सुंदर उपहार मुझे समय पर प्राप्त हो गया। उसे देखते ही मेरा हृदय प्रसन्नता और कृतज्ञता से भर उठा।

तुम्हारा भेजा हुआ उपहार सचमुच बहुत आकर्षक और उपयोगी है। उसकी सुंदरता और गुणवत्ता दोनों ही प्रशंसनीय हैं। जब मैंने उसे खोला तो मुझे अत्यंत सुखद आश्चर्य हुआ। यह केवल एक साधारण भेंट नहीं है, बल्कि तुम्हारे स्नेह, अपनत्व और गहरी मित्रता का प्रतीक है। हर बार जब मैं उस उपहार को देखता हूँ, मुझे तुम्हारी याद आ जाती है।

जन्मदिन के दिन परिवार और अन्य मित्रों के साथ उत्सव मनाते समय तुम्हारी अनुपस्थिति अवश्य महसूस हुई, परंतु तुम्हारा स्नेहपूर्ण संदेश पढ़कर ऐसा लगा जैसे तुम मेरे पास ही उपस्थित हो। तुम्हारी हार्दिक शुभकामनाओं ने मेरे मन को छू लिया। सच्ची मित्रता वही होती है जिसमें दूरी कभी बाधा नहीं बनती।

आज के व्यस्त जीवन में जब लोग अपने कार्यों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनों के लिए समय निकालना कठिन हो जाता है, तब तुम्हारा मुझे याद करना और इतना विचारपूर्ण उपहार भेजना मेरे लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला अनुभव था। मैं हृदय की गहराइयों से तुम्हारा आभारी हूँ।

ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि हमारी मित्रता सदा यूँ ही बनी रहे और हम जीवन के प्रत्येक सुख-दुःख में एक-दूसरे का साथ देते रहें। तुम्हारे उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी ओर से ढेरों शुभकामनाएँ।

एक बार पुनः तुम्हारे इस स्नेहपूर्ण उपहार और शुभकामनाओं के लिए मैं तुम्हारा हृदय से धन्यवाद करता हूँ।

शेष शुभ।

तुम्हारा स्नेही मित्र,
मोनू सर

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