समास : परिभाषा, भेद और 100 उदाहरण
हिंदी व्याकरण
समास की परिभाषा
दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बने हुए संक्षिप्त रूप को समास कहते हैं। समास में शब्दों को मिलाकर छोटा रूप बनाया जाता है।
उदाहरण : राजा का पुत्र → राजपुत्र
समास के भेद
- 1. तत्पुरुष समास – जिसमें दूसरा पद प्रधान होता है।
- 2. कर्मधारय समास – जिसमें विशेषण और विशेष्य का संबंध होता है।
- 3. द्वंद्व समास – जिसमें दोनों पद प्रधान होते हैं।
- 4. बहुव्रीहि समास – जिसमें कोई तीसरा अर्थ निकलता है।
- 5. अव्ययीभाव समास – जिसमें पहला पद अव्यय होता है।
100 महत्वपूर्ण समास उदाहरण
| क्रम | समास | भेद |
|---|---|---|
| 1 | राजपुत्र | तत्पुरुष |
| 2 | गंगाजल | तत्पुरुष |
| 3 | देवालय | तत्पुरुष |
| 4 | गृहकार्य | तत्पुरुष |
| 5 | जलपान | तत्पुरुष |
| 6 | वनवास | तत्पुरुष |
| 7 | रसोईघर | तत्पुरुष |
| 8 | विद्यालय | तत्पुरुष |
| 9 | लोकसभा | तत्पुरुष |
| 10 | राजमार्ग | तत्पुरुष |
| 11 | मातापिता | द्वंद्व |
| 12 | दिनरात | द्वंद्व |
| 13 | सुखदुःख | द्वंद्व |
| 14 | राधाकृष्ण | द्वंद्व |
| 15 | भाईबहन | द्वंद्व |
| 16 | नीलकमल | कर्मधारय |
| 17 | महापुरुष | कर्मधारय |
| 18 | चंद्रमुख | कर्मधारय |
| 19 | पीताम्बर | कर्मधारय |
| 20 | लंबोदर | कर्मधारय |
| 21 | चतुर्भुज | बहुव्रीहि |
| 22 | दशानन | बहुव्रीहि |
| 23 | त्रिनेत्र | बहुव्रीहि |
| 24 | नीलकंठ | बहुव्रीहि |
| 25 | कमलनयन | बहुव्रीहि |
| 26 | प्रतिदिन | अव्ययीभाव |
| 27 | भरपेट | अव्ययीभाव |
| 28 | आजीवन | अव्ययीभाव |
| 29 | यथाशक्ति | अव्ययीभाव |
| 30 | दिनभर | अव्ययीभाव |
| 31 | राजमहल | तत्पुरुष |
| 32 | देशभक्ति | तत्पुरुष |
| 33 | ग्रामवासी | तत्पुरुष |
| 34 | सूर्योदय | तत्पुरुष |
| 35 | आत्मज्ञान | तत्पुरुष |
| 36 | श्रमदान | तत्पुरुष |
| 37 | राजभवन | तत्पुरुष |
| 38 | सेनापति | तत्पुरुष |
| 39 | राजकुमार | तत्पुरुष |
| 40 | धर्मक्षेत्र | तत्पुरुष |
| 41 | राजसभा | तत्पुरुष |
| 42 | वनपथ | तत्पुरुष |
| 43 | कर्मभूमि | तत्पुरुष |
| 44 | गृहप्रवेश | तत्पुरुष |
| 45 | जलयान | तत्पुरुष |
| 46 | जीवनसंगिनी | कर्मधारय |
| 47 | सद्गृहस्थ | कर्मधारय |
| 48 | महादेव | कर्मधारय |
| 49 | सुरपुर | कर्मधारय |
| 50 | महायुद्ध | कर्मधारय |
| 51 | महाजन | कर्मधारय |
| 52 | नीलगाय | कर्मधारय |
| 53 | सत्संग | कर्मधारय |
| 54 | महर्षि | कर्मधारय |
| 55 | मधुमक्खी | कर्मधारय |
| 56 | अष्टभुजा | बहुव्रीहि |
| 57 | श्वेताम्बर | बहुव्रीहि |
| 58 | गजानन | बहुव्रीहि |
| 59 | कनककाय | बहुव्रीहि |
| 60 | सप्तऋषि | बहुव्रीहि |
| 61 | धनंजय | बहुव्रीहि |
| 62 | कुंभकर्ण | बहुव्रीहि |
| 63 | रघुनाथ | बहुव्रीहि |
| 64 | चंद्रशेखर | बहुव्रीहि |
| 65 | घनश्याम | बहुव्रीहि |
| 66 | आमरण | अव्ययीभाव |
| 67 | यथाक्रम | अव्ययीभाव |
| 68 | प्रत्येक | अव्ययीभाव |
| 69 | हरदिन | अव्ययीभाव |
| 70 | बारीबारी | अव्ययीभाव |
| 71 | यथासमय | अव्ययीभाव |
| 72 | प्रतिक्षण | अव्ययीभाव |
| 73 | भरदिन | अव्ययीभाव |
| 74 | जन्मभर | अव्ययीभाव |
| 75 | सरेआम | अव्ययीभाव |
| 76 | रामलक्ष्मण | द्वंद्व |
| 77 | न्यायअन्याय | द्वंद्व |
| 78 | दालरोटी | द्वंद्व |
| 79 | ऊँचनीच | द्वंद्व |
| 80 | अन्नजल | द्वंद्व |
| 81 | जीवनमरण | द्वंद्व |
| 82 | हारजीत | द्वंद्व |
| 83 | लेनदेन | द्वंद्व |
| 84 | नरनारी | द्वंद्व |
| 85 | पापपुण्य | द्वंद्व |
| 86 | लोककल्याण | तत्पुरुष |
| 87 | राजकार्य | तत्पुरुष |
| 88 | ग्रामसभा | तत्पुरुष |
| 89 | विद्यादान | तत्पुरुष |
| 90 | गृहस्वामी | तत्पुरुष |
| 91 | महाशक्ति | कर्मधारय |
| 92 | सज्जन | कर्मधारय |
| 93 | दीनदयाल | कर्मधारय |
| 94 | महाराज | कर्मधारय |
| 95 | सुशीलबालक | कर्मधारय |
| 96 | त्रिलोचन | बहुव्रीहि |
| 97 | लंबोदर | बहुव्रीहि |
| 98 | पीताम्बर | बहुव्रीहि |
| 99 | चक्रपाणि | बहुव्रीहि |
| 100 | मुरारी | बहुव्रीहि |
